ज्योतिष का कोर्स 30 दिन में कैसे सीखें – पूरा हिन्दी मार्गदर्शन
Astrology Coursesअगर आपने कभी मन में यह सोचा हो कि “काश मैं भी किसी की कुंडली देखकर उसके स्वभाव, कर्म और जीवन दिशा को समझ पाता”—
तो यह लेख आपके लिए है।
बहुत से लोग ज्योतिष सीखना चाहते हैं,
पर शुरुआत ही नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें लगता है कि—
“ज्योतिष सीखना बहुत कठिन है।”
सच्चाई यह है कि ज्योतिष कठिन नहीं।
कठिन तब बनता है जब इसे गलत तरीक़े से सीखने की कोशिश की जाए।
अब सुनिए अच्छी बात—
ज्योतिष सीखना अब हुआ आसान।
सिर्फ़ 30 दिनों में मजबूत शुरुआत — CIL गुरु के साथ।
ज्योतिष — आपके कर्मों का सरल विज्ञान
जन्म से लाई हुई ग्रह गणनाओं को समझना उतना मुश्किल नहीं जितना लोग समझते हैं।
यह बस एक प्रक्रिया है—
जिसे सही मार्गदर्शन, सरल भाषा और नियमित अभ्यास के साथ कोई भी सीख सकता है।
और यही कारण है कि पिछले 15+ सालों से
CIL गुरु हजारों विद्यार्थियों को सबसे आसान और प्रैक्टिकल तरीके से ज्योतिष सिखा रहे हैं।
अगर आप भी सोचते थे कि
“काश मैं भी जन्म कुंडली पढ़ पाता…”
तो आपकी तलाश अब यही खत्म होती है।
क्यों चुनें CIL गुरु?
CIL गुरु का 30-दिन का आधार कोर्स इसलिए खास है क्योंकि:
✓ आसान भाषा
✓ रोज़मर्रा के उदाहरण
✓ बिल्कुल शुरुआत से सीखने वालों के लिए तैयार किया गया कोर्स
✓ स्टेप-बाय-स्टेप सीखने की पद्धति
✓ ग्रह, भाव, कुंडली संरचना की साफ़ समझ
✓ Lal Kitab के मूल सिद्धांत भी शामिल
यह पूरा कोर्स “पूरा ज्योतिष” सिखाने का दावा नहीं करता—
यह ज्योतिष सीखने की मजबूत शुरुआत कराता है।
अगर आप सही क्रम + सही अभ्यास + सही मार्गदर्शन चाहते हैं—
तो 30 दिन आपके लिए काफी हैं।
अब चलते हैं पूरे सीखने के विस्तार में
(नीचे आपका मूल ब्लॉग + नया content एक flow में जोड़कर लिखा गया है)
ज्योतिष सीखना मुश्किल क्यों लगता है?
क्योंकि ज्यादातर लोग शुरुआत करते ही:
• बहुत गहरे विषयों में कूद जाते हैं
• ग्रहों और योगों में उलझ जाते हैं
• remedies से ही शुरू कर देते हैं
• या कुंडली देखकर guesswork करने लगते हैं
असल में, सीखने का तरीका गलत होता है।
अगर मूल नियम समझ गए, ग्रहों का स्वभाव जान गए, घरों का अर्थ पकड़ लिया और थोड़ी Practice कर ली—
तो ज्योतिष धीरे-धीरे अपने आप खुलने लगता है।
30 दिन का ज्योतिष सीखने का सरल, प्रैक्टिकल योजना-पत्र
यह वही plan है जिसे CIL गुरु अपने छात्रों को follow करवाते हैं।
इसका असर बहुत बेहतरीन है—
क्योंकि इसमें आसान भाषा, सही क्रम और लगातार अभ्यास—सब शामिल हैं।
पहले 5 दिन – ज्योतिष का आधार पकड़ो
इन पाँच दिनों में बस यही समझो:
• ग्रह कौन हैं
• बारह राशियाँ कौन-सी हैं
• नक्षत्र क्या होते हैं
• कुंडली का घेरा कैसे बनता है
• बारह घरों का क्या अर्थ है
उदाहरण:
चौथा घर – घर, माता, सुख़
दसवाँ घर – काम, नाम, उन्नति
अगर आप हिन्दी में सरल ढंग से समझना चाहते हैं,
तो यहाँ शुरुआत कर सकते हैं:
https://cilguru.com/live-courses.php
दिन 6 से 10 – कुंडली पढ़ना सीखो
अब असली सीख शुरू होती है।
इन दिनों में समझो:
• लग्न की भूमिका
• ग्रह किस घर में बैठे हैं
• ग्रह किस घर के स्वामी हैं
• घर + ग्रह का संबंध क्या बनता है
यह पाँच दिन आपकी सोच बदल देंगे।
कुंडली अब symbols नहीं, समझ में आने वाली भाषा लगेगी।
क्रमवार सीखना चाहते हैं?
https://cilguru.com/lal-kitab-course.php
दिन 11 से 15 – ग्रहों के फल समझो
अब हर ग्रह का स्वभाव समझो:
सूरज – सम्मान, पिता, आत्मविश्वास
चन्द्र – मन, भावनाएँ
मंगल – ऊर्जा, साहस
बुध – बात करने की कला
गुरु – ज्ञान, अच्छाई
शुक्र – सुख, प्रेम
शनि – मेहनत, अनुशासन
राहु – लालसा
केतु – विरक्ति
थोड़ा समय दो और खुद नोट बनाओ।
उपाय सीखने हों तो:
https://cilguru.com/remedies-course.php
दिन 16 से 20 – ग्रह + घर का मिलान सीखो
यही ज्योतिष का मज़ा है।
उदाहरण:
सूर्य + 10वाँ घर = अच्छा पद
शुक्र + 7वाँ घर = वैवाहिक सुख
राहु + 8वाँ घर = अचानक घटनाएँ
अगर आप गहरा भविष्य कथन सीखना चाहते हैं:
https://cilguru.com/kp-astrology-course
दिन 21 से 25 – अभ्यास शुरू करो
3–5 लोगों की कुंडली लेकर लिखो:
• स्वभाव
• करियर दिशा
• सेहत
• परिवार
• ग्रहों की ताकत
अगर मन में हिम्मत कम हो रही हो,
तो यहाँ Real Students की कहानियाँ देखिए:
https://cilguru.com/success-stories.php
दिन 26 से 30 – सरल भविष्य कथन और उपाय
इन दिनों में सीखो:
• छोटे अनुमान
• कौन-सा ग्रह कब परेशान करता है
• कौन-से छोटे उपाय तुरंत असर करते हैं
• ग्रह balancing कैसे करें
उपाय सीखना चाहते हैं?
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30 दिन में क्या मिलेगा?
• जीवन की दिशा की समझ
• अपनी कुंडली पढ़ने की क्षमता
• परिवार की मदद
• आगे गहरे अध्ययन की नींव
• भविष्य में प्रोफेशनल बनने का आधार
मोबाइल अंक विद्या (Mobile Numerology) भी आजकल लोग सीख रहे हैं:
https://cilguru.com/mobile-numerlogy-course.php
क्या 30 दिन में ज्योतिष पूरा सीख जाएगा?
नहीं, पूरा नहीं।
पर मजबूत शुरुआत—
हाँ, बिल्कुल।
जैसे साइकिल चलाना—
पहले बैलेंस आता है,
फिर धीरे-धीरे सब सहज हो जाता है।
अगर आप गंभीरता से सीखना चाहते हैं,
तब आपको एक योग्य गुरु चाहिए—
और यही भूमिका CIL गुरु निभाते हैं।
मार्गदर्शन चाहिए?
अगर आप चाहते हैं कि कोई आपको सही दिशा दिखाए,
आपकी गलतियाँ सुधारे,
आपको step-by-step सिखाए—
तो आप सीधे यहाँ संपर्क करें:
https://cilguru.com/contact-us.php
FAQs
क्या मैं हिन्दी में ज्योतिष सीख सकता हूँ?
हाँ, और हिन्दी में सीखना सबसे आसान होता है।
क्या 30 दिन काफी हैं?
शुरुआत के लिए पूरी तरह काफी हैं।
क्या इसके लिए संस्कृत ज़रूरी है?
नहीं।
क्या मैं अपनी खुद की कुंडली पढ़ सकता हूँ?
हाँ, पर पहले दूसरों की पढ़ने की practice करें।
निष्कर्ष
अगर आप दिल से ज्योतिष सीखना चाहते हैं—
तो यह 30-दिन की योजना आपके लिए है।
बस शुरुआत कीजिए।
क्योंकि शुरुआत ही सबसे बड़ा कदम होता है।

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