Ketu & Fear: क्यों डर से जुड़ा है केतु?
Kundli Readingज्योतिष में केतु को समझना हमेशा थोड़ा रहस्यमयी रहा है।
जन्मपत्रिका में केतु जिस भाव में बैठता है, वहाँ जीवन में चुनौती या त्याग से जुड़ी घटनाएँ ला सकता है। लेकिन इसके साथ-साथ केतु को सलाहकार भी कहा जाता है —
केतु: डर का कारण या डर को खत्म करने वाला?
जब केतु अशुभ या पीड़ित हो जाता है, तब वह व्यक्ति के भीतर अनिश्चितता, भ्रम और डर पैदा कर सकता है।
लेकिन जब केतु शुभ फल देने लगे, तब वही केतु इंसान को मानसिक शक्ति, निर्भयता और सही निर्णय लेने की क्षमता भी देता है।

इसलिए कहा जाता है —
“केतु आदमी को डराता नहीं, बल्कि डर से बाहर निकलना सिखाता है.”
केतु किन-किन चीज़ों का कारक होता है?
– वकील (Lawyer)
केतु तर्क, विश्लेषण और गहराई से सोचने की क्षमता देता है।
इसलिए जो लोग लॉ, कोर्ट केस या दिमागी काम करते हैं, उनमें केतु की भूमिका मजबूत होती है।
– सलाहकार (Advisor)
केतु सही दिशा दिखाता है, संकेत देता है और व्यक्ति को गहरे सच समझने में मदद करता है।
– कुत्ता (Dog)
ज्योतिष में कुत्ता केतु का प्रमुख प्रतीक है।
केतु की शांति के लिए लोग अक्सर कुत्ते को भोजन कराते हैं।
– कोर्ट केस
कानूनी लड़ाई, विवाद, पुराने कर्म, उलझे हुए मामलों में केतु की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
Ketu & Court Cases: क्यों हर व्यक्ति न्याय से डरता है? और केतु को मजबूत कैसे करें?
आज के समय में लगभग हर व्यक्ति कोर्ट केस के नाम से ही डर जाता है।
कानूनी झंझट, वकीलों की फीस, तारीख़ पर तारीख़—लोग इस उलझन से बचना चाहते हैं।
लेकिन असली समस्या सिर्फ कोर्ट नहीं है…
असल समस्या है: सही सलाहकार का न मिलना
कई लोग कहते हैं:
“हमारी जिंदगी में कोई अच्छा सलाहकार ही नहीं है।”
और ज्योतिष में इसका संबंध सीधा-सीधा केतु से है।
केतु: डर से बाहर निकालने वाला ग्रह
केतु का काम है हमें सच दिखाना —
लेकिन रास्ता कभी-कभी कठिन हो जाता है।
अगर केतु पीड़ित हो जाए तो व्यक्ति में यह समस्याएँ आती हैं:
डर, भ्रम, अनिश्चितता
गलत सलाह मिलना
कोर्ट-कचहरी के चक्कर
अचानक नुकसान
भरोसे की कमी
- कुत्तों की सेवा करना
कुत्ता केतु का सबसे शक्तिशाली प्रतीक है।
अगर जिंदगी में उलझनें बढ़ रही हों, कोर्ट केस का डर हो, या सही सलाह न मिल रही हो—
हर सुबह या शाम कुत्तों को रोटी या खाने का एक टुकड़ा ज़रूर दें।
– इससे केतु शांत होता है
– और गलत फैसलों से बचाता है
- अंधों को भोजन कराना
क्योंकि केतु आंखों से नहीं, “अंतर्ज्ञान” से चलता है।
अंधों की सेवा करने से केतु का अंधकार कम होता है और जीवन में स्पष्टता आती है।
– सप्ताह में एक बार किसी दृष्टिहीन व्यक्ति को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है।
- सुबह पार्क में नंगे पैर चलना
यह उपाय साधारण लगता है, मगर केतु पर सीधा असर करता है।
केतु पृथ्वी तत्त्व से जुड़ा ग्रह है — इसलिए धरती से सीधा संपर्क केतु को तुरंत संतुलित करता है।
नंगे पैर हरी घास पर चलने से भय कम होता है
मन शांत होता है
कोर्ट केस और विवाद से राहत मिलती है
जिंदगी में सही सलाह और सही दिशा मिलने लगती है
– प्रतिदिन 10–15 मिनट काफी है।
- सफेद, ग्रे या क्रीम रंग का सरल भोजन खाना
केतु सादगी पसंद ग्रह है।
बहुत तामझाम, मसाले या शोरगुल उसे खराब करते हैं।
दही
रोटी
खिचड़ी
मूंग दाल
ये भोजन केतु को मजबूत करते हैं।
- अहंकार और गुस्से पर नियंत्रण करना
केतु अहंकार को नहीं सहता।
अगर व्यक्ति गुस्से में गलत निर्णय ले, तो केतु और कठोर परिणाम देता है।
शांत स्वभाव अपने आप केतु को शुभ बनाता है।
निष्कर्ष: कोर्ट केस से डरने की नहीं, केतु को संतुलित करने की जरूरत है
कोर्ट केस, विवाद और गलत सलाह—
यह सब तभी बढ़ता है जब केतु परेशान होता है।
लेकिन उसके उपाय बेहद सरल हैं।
कुत्ते को रोटी दें
अंधों को भोजन कराएँ
सुबह नंगे पैर घास पर चलें
सादगी रखें
शांत रहें
धीरे-धीरे रास्ते साफ होने लगते हैं और जीवन में सही दिशा मिलने लगती है।
Court Case का डर? Ketu बताएगा रास्ता
